अरे इतनी नफरत है उसे मुझसे की मैं मर भी जाऊं,
अब तो ख्वाब भी मुझे ताना मारते हैं, कि जिसको सोचा था अपना, वो अब किसी और का है।
जो अपना था वो कभी मेरा नहीं था, और जो मेरा था, वो कभी अपना नहीं बना।
लड़के दर्द दिल में दबाकर जीते रहते हैं।
जब शब्द कम पड़ जाएँ, तब शायरी दिल का बोझ हल्का करती है।
अब कोई आए या ना आए, हमें आदत हो गई है अकेलेपन की।
तू मेरे बिना खुश है तो मैं Sad Shayari भी खुश हूँ, बस एक दर्द है कि अब मैं तेरी यादों में कैद हूँ।
और हम बेवकूफ़, उन्हें दुआओं में याद रखते हैं।
अगर दिल भारी है, तो शायरी पढ़िए, खुद को समझिए और याद रखिए —
तेरा होना भी क्या हुआ, जब तू मेरा था ही नहीं!
दिल की दहलीज़ पर बैठे थे कभी, आज उसी दिल के दरवाज़े से निकाले गए।
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
तू किसी और की बाहों में खुश है, और मैं तेरी यादों में उदास बैठा हूँ।
कभी-कभी खुद को ही खो देता हूँ, तेरी यादों में डूबकर।